माँ प्रत्यंगिरा के बारे में
माँ प्रत्यंगिरा शक्ति उपासना की दिव्य परंपरा में पूजनीय देवी स्वरूप हैं। माँ की आराधना श्रद्धा, साधना और संकल्प के साथ पूजा, मंत्र-जाप एवं हवन के माध्यम से की जाती है।
॥ जय माँ प्रत्यंगिरा ॥
माँ प्रत्यंगिरा दिव्य शक्ति एवं आराधना
माँ प्रत्यंगिरा की पावन आराधना श्रद्धा, साधना और संकल्प का दिव्य मार्ग है। माँ के श्री चरणों में पूजा एवं हवन अर्पित कर भक्त आध्यात्मिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना करते हैं।
माँ प्रत्यंगिरा की विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न की जाती है। भक्त अपनी आस्था एवं संकल्प के अनुसार माँ की आराधना कर सकते हैं।
माँ प्रत्यंगिरा की पूजा एवं हवन
माँ प्रत्यंगिरा की विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न की जाती है।
माँ प्रत्यंगिरा पूजा
माँ के श्री चरणों में श्रद्धा एवं संकल्प के साथ विशेष पूजा अर्पित की जाती है।
माँ प्रत्यंगिरा हवन
मंत्रों एवं आहुति के साथ माँ प्रत्यंगिरा का विशेष हवन श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाता है।
विशेष संकल्प पूजा
भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ विशेष संकल्प लेकर माँ की आराधना की जाती है।
माँ प्रत्यंगिरा की आराधना के प्रमुख स्वरूप
श्रद्धालु अपनी आस्था एवं संकल्प के अनुसार माँ की विभिन्न आध्यात्मिक सेवाओं से जुड़ सकते हैं।
मंत्र साधना
माँ प्रत्यंगिरा की आराधना में मंत्र-जाप एवं साधना को श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जाता है।
हवन साधना
विशेष मंत्रों के साथ हवन एवं आहुति अर्पित कर माँ की आराधना श्रद्धापूर्वक की जाती है।
संकल्प सेवा
भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ माँ के श्री चरणों में विशेष संकल्प अर्पित किया जाता है।
माँ प्रत्यंगिरा पूजा एवं हवन की प्रक्रिया
संकल्प
भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ पूजा का संकल्प लिया जाता है।
पूजा
माँ प्रत्यंगिरा की श्रद्धापूर्वक पूजा एवं आराधना की जाती है।
हवन
मंत्रों के साथ हवन एवं आहुति अर्पित की जाती है।
प्रार्थना
माँ के श्री चरणों में मंगलकामना एवं आशीर्वाद की प्रार्थना।
माँ प्रत्यंगिरा की पूजा एवं हवन
श्रद्धा और संकल्प के साथ माँ के श्री चरणों में अपनी पूजा एवं हवन अर्पित करें। विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा के लिए संपर्क करें।