॥ माँ बगलामुखी मंत्र साधना ॥

मंत्र साधना विधि

भक्तों के कल्याण हेतु आध्यात्मिक मार्गदर्शन

जय माँ बगलामुखी

माँ बगलामुखी तंत्र की महाविद्या हैं, जो शत्रु नाश, वाणी सिद्धि, बाधा निवारण एवं विजय प्रदान करती हैं। उनकी साधना अत्यंत श्रद्धा, संयम और शुद्धता से करनी चाहिए।

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साधना से पूर्व

साधना प्रारंभ करने की तैयारी

साधना से पूर्व निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें:

01

साधना स्थान को स्वच्छ करें।

02

माँ बगलामुखी की प्रतिमा या यंत्र पूजा स्थान पर स्थापित करें।

03

स्वयं हल्के पीले वस्त्र धारण करें।

04

पीले रंग का आसन बिछाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।

05

घी का दीपक और अगरबत्ती प्रज्वलित करें।

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क्रम अनुसार

प्रारंभिक विधि

01

आचमन

सबसे पहले श्रद्धापूर्वक आचमन करें।

02

संकल्प

इसके बाद अपने उद्देश्य के अनुसार संकल्प लें —

“मैं अमुक व्यक्ति, अमुक कार्य सिद्धि हेतु माँ बगलामुखी की मंत्र साधना कर रहा/रही हूँ।”
03

देवी-देवताओं को प्रणाम

इसके बाद श्रद्धापूर्वक निम्न को प्रणाम करें:

श्री गणेश जी गुरु जी श्री हनुमान जी श्री भैरव भगवान भगवान शिव अपने कुलदेवता पितृ देवता सभी देवी-देवता
📿
मुख्य मंत्र

ॐ ह्लीं बगलामुखी स्वाहा

गुरु से प्राप्त मंत्र को ही श्रेष्ठ माना जाता है।

गुरु मंत्र

ॐ ऐं श्रीं गुरवे नम:

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मंत्र जप

जप की संख्या एवं नियम

1 माला
3 माला
5 माला
11 माला

यथाशक्ति 1 माला, 3 माला, 5 माला या 11 माला प्रतिदिन करें।

जप नियमित, एक ही समय और एक ही स्थान पर करें।

माला स्फटिक या हल्दी की हो तो उत्तम।

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विशेष साधना रहस्य

जप के साथ विशेष विधि

जप के साथ-साथ एक पात्र में शुद्ध जल रखें। जप पूर्ण होने पर उस जल को अपने पीछे छोड़ दें, फिर उसी जल को आँखों से लगाएँ।

यह साधना परंपरा में बताई जाने वाली एक आध्यात्मिक भावना है। साधना सदैव श्रद्धा, शुद्धता और उचित मार्गदर्शन के साथ करें।

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साधना मार्गदर्शन

मंत्र साधना विधि वीडियो

माँ बगलामुखी मंत्र साधना से संबंधित मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक जानकारी वीडियो के माध्यम से देखें।

आध्यात्मिक मार्गदर्शन

साधना एवं मंत्र जप मार्गदर्शन

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जप पूर्ण होने के बाद

समर्पण भावना

“हे माँ बगलामुखी!
यदि मेरे जप में कोई त्रुटि हुई हो,
उच्चारण में दोष हुआ हो,
या विधि में कमी रह गई हो,
तो कृपा कर क्षमा करें।
मेरे जप को स्वीकार करें
और मुझे अपनी शरण में रखें।”

आवश्यक मार्गदर्शन

विशेष निर्देश

01

संयम

साधना के दौरान ब्रह्मचर्य, सात्त्विक आहार और संयम रखें।

02

सकारात्मक भाव

नकारात्मक विचार, क्रोध और अहंकार से दूर रहें।

03

आत्मकल्याण

साधना को प्रदर्शन नहीं, आत्मकल्याण के लिए करें।

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पीठाधीश्वर का संदेश

साधना का दिव्य संदेश

यह साधना विधि भक्तों के कल्याण हेतु माँ बगलामुखी धाम, जयपुर के पीठाधीश्वर आशुतोष बगलामुखी महाराज जी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत की जा रही है।

श्रद्धा, विश्वास और निरंतरता — यही माँ बगलामुखी की साधना की सबसे बड़ी सिद्धि है।