॥ जय माँ बगलामुखी ॥

माँ बगलामुखी के बारे में

माँ बगलामुखी की दिव्य आराधना श्रद्धा, साधना और संकल्प का पावन मार्ग है। माँ के श्री चरणों में पूजा एवं हवन अर्पित कर भक्त आध्यात्मिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना करते हैं।

॥ जय माँ बगलामुखी ॥

माँ बगलामुखी दिव्य शक्ति एवं आराधना

माँ बगलामुखी की पावन आराधना श्रद्धा, साधना और संकल्प का दिव्य मार्ग है। माँ के श्री चरणों में पूजा एवं हवन अर्पित कर भक्त आध्यात्मिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना करते हैं।

परम पूज्य श्री आशुतोष बगलामुखी महाराज जी के मार्गदर्शन में माँ बगलामुखी की विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न की जाती है।

माँ बगलामुखी
॥ दिव्य पूजा एवं हवन ॥

माँ बगलामुखी की पूजा एवं हवन

माँ बगलामुखी की विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न की जाती है।

माँ बगलामुखी पूजा

माँ बगलामुखी पूजा

माँ के श्री चरणों में श्रद्धा एवं संकल्प के साथ विशेष पूजा अर्पित की जाती है।

माँ बगलामुखी हवन

माँ बगलामुखी हवन

मंत्रों एवं आहुति के साथ माँ बगलामुखी का विशेष हवन श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाता है।

माँ बगलामुखी संकल्प

विशेष संकल्प पूजा

भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ विशेष संकल्प लेकर माँ की आराधना की जाती है।

॥ माँ की आराधना ॥

माँ बगलामुखी की आराधना के प्रमुख स्वरूप

श्रद्धालु अपनी आस्था एवं संकल्प के अनुसार माँ की विभिन्न आध्यात्मिक सेवाओं से जुड़ सकते हैं।

ॐ

मंत्र साधना

माँ की आराधना में मंत्र-जाप एवं साधना को श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जाता है।

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हवन साधना

विशेष मंत्रों के साथ हवन एवं आहुति अर्पित कर माँ की आराधना की जाती है।

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संकल्प सेवा

भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ माँ के श्री चरणों में विशेष संकल्प अर्पित किया जाता है।

॥ पूजा प्रक्रिया ॥

पूजा एवं हवन की प्रक्रिया

01

संकल्प

भक्त के नाम एवं गोत्र के साथ पूजा का संकल्प लिया जाता है।

02

पूजा

माँ बगलामुखी की श्रद्धापूर्वक पूजा एवं आराधना की जाती है।

03

हवन

मंत्रों के साथ हवन एवं आहुति अर्पित की जाती है।

04

प्रार्थना

माँ के श्री चरणों में मंगलकामना एवं आशीर्वाद की प्रार्थना।

॥ जय माँ बगलामुखी ॥

माँ बगलामुखी की पूजा एवं हवन

श्रद्धा और संकल्प के साथ माँ के श्री चरणों में अपनी पूजा एवं हवन अर्पित करें। विशेष पूजा, हवन एवं संकल्प सेवा के लिए संपर्क करें।

पीताम्बरा लोक माँ बगलामुखी धाम की आराध्या एवं प्रमुख शक्ति

माँ भगवती बगलामुखी सनातन धर्म की दशमहाविद्याओं में आठवीं महाविद्या के रूप में पूजित हैं। माँ को पीताम्बरा, बगलामुखी, स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री तथा ब्रह्मास्त्र विद्या की देवी के रूप में जाना जाता है। माँ बगलामुखी का स्वरूप दिव्य पीत आभा से युक्त माना गया है और उनकी उपासना में पीले रंग का विशेष महत्व है।

माँ बगलामुखी का प्राकट्य

पौराणिक परंपरा में माँ बगलामुखी के प्राकट्य की कथा एक भीषण प्राकृतिक संकट से जुड़ी है। मान्यता है कि एक समय सृष्टि पर विनाशकारी तूफान का संकट आया। भगवान विष्णु ने जगत की रक्षा के लिए शक्ति की आराधना की।

उनकी तपस्या से हरिद्रा अर्थात पीले सरोवर से माँ बगलामुखी का प्राकट्य हुआ और देवी ने उस विनाशकारी संकट को शांत किया। इसी कारण माँ को पीताम्बरा नाम से भी संबोधित किया जाता है।

माँ का दिव्य स्वरूप

माँ का विग्रह अत्यंत विशिष्ट माना जाता है। उन्हें पीले वस्त्रों एवं पीत आभा से सुशोभित, दिव्य सिंहासन पर विराजमान तथा एक हाथ में मुद्गर और दूसरे हाथ से असुर की जिह्वा धारण किए हुए दर्शाया जाता है।

यह स्वरूप अधर्म, अहंकार, असत्य और नकारात्मक शक्तियों पर धर्म एवं सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है।

माँ की साधना का आध्यात्मिक भाव

माँ बगलामुखी की साधना का मूल भाव केवल बाहरी शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के भय, भ्रम, नकारात्मकता, असंयमित वाणी और दुर्बलताओं पर नियंत्रण प्राप्त करना भी है।

माँ की आराधना साधक को साहस, एकाग्रता, आत्मबल, वाणी की शक्ति, मानसिक स्थिरता और धर्ममार्ग पर विजय की प्रेरणा देती है।

माँ की कृपा और जीवन में विजय

माँ पीताम्बरा को विजय, ऐश्वर्य, शक्ति और सफलता प्रदान करने वाली दिव्य शक्ति के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और साधना के माध्यम से माँ से उच्च पद की प्राप्ति, प्रतिष्ठा, कार्यक्षेत्र में सफलता, नेतृत्व क्षमता तथा राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में विजय की कामना करते हैं।

माँ की कृपा से साधक के जीवन में अतुल्य लक्ष्मी, समृद्धि, ऐश्वर्य और आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होने की प्रार्थना की जाती है। माँ के चरणों में की गई श्रद्धापूर्ण आराधना भक्त को आत्मविश्वास, धैर्य और अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती है।

रोग एवं संकटों से रक्षा

माँ बगलामुखी की आराधना भक्तों के लिए संकटों और बाधाओं से रक्षा की प्रार्थना का भी माध्यम है। भक्त माँ से रोग-बाधाओं, भय, मानसिक अशांति, नकारात्मक प्रभावों और जीवन की कठिन परिस्थितियों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

माँ की कृपा को भक्त अपने जीवन में शक्ति, आशा और सकारात्मक ऊर्जा के रूप में अनुभव करते हैं।

देवी-देवताओं द्वारा आराधित शक्ति

माँ पीताम्बरा को आदिशक्ति के अत्यंत प्रभावशाली स्वरूप के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। सनातन परंपरा में देवी-देवताओं और साधकों द्वारा परम शक्ति की आराधना किए जाने का भाव मिलता है।

माँ बगलामुखी की उपासना इसी दिव्य शक्ति-परंपरा का एक महान स्वरूप है।

माँ की आराधना का संदेश

माँ की आराधना का संदेश है कि जब साधक श्रद्धा, विश्वास, संयम और धर्म के मार्ग पर चलता है, तब उसके भीतर की शक्ति जागृत होती है और वह जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने में समर्थ बनता है।

पीताम्बरा लोक माँ बगलामुखी धाम

पीताम्बरा लोक माँ बगलामुखी धाम भक्तों के लिए माँ पीताम्बरा की आराधना, दर्शन, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का पावन केंद्र है। यहाँ आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु माँ के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर अपने जीवन में शांति, शक्ति, समृद्धि, विजय और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करता है।

माँ के श्रीचरणों में की गई श्रद्धा और प्रार्थना भक्त के जीवन में धर्म, आत्मबल और सद्मार्ग की प्रेरणा जागृत करे—यही पीताम्बरा लोक की आध्यात्मिक भावना है।

माँ पीताम्बरा की कृपा से भक्तों को शक्ति मिले,
जीवन में विजय मिले,
अतुल्य लक्ष्मी और समृद्धि मिले,
सभी बाधाओं से रक्षा हो,
और धर्म के मार्ग पर सदैव सफलता प्राप्त हो।

जय माँ पीताम्बरा।
जय माँ बगलामुखी।